गोष्ट : एकीची ताकत

☺️😟 😳 😟☺️

  एक होस्टल कैंटीन वाले के रोज़-रोज़ 
    नाश्ते में उपमा दे देने से परेशान 
      80 लोगों ने होस्टल वार्डन से 
          शिकायत करी, और 
   बदल-बदल के नाश्ता देने को कहा.

    100 में से सिर्फ 20 लोग ऐसे थे,
      जिनको उपमा बहुत पसंद था,
       और वो लोग चाहते थे, कि 
          उपमा तो रोज़ ही बने.
            बाकी के 80 लोग
            परिवर्तन चाहते थे.

         *वार्डन ने वोट करके*
    *नाश्ता तय करने को कहा.*

        उन 20 लोगों ने, जिनको ...
           उपमा बहुत पसंद था,
           उपमा के लिए वोट किया.

            बाकी बचे 80 लोगों ने 
   आपस में कोई सामंजस्य नहीं रखा,
   और कोई वार्तालाप भी नहीं किया,
    और अपनी बुद्धि एवम् विवेक से 
    अपनी रूचि अनुसार वोट दिया.

  *18 ने डोसा चुना,*
  *16 ने परांठा,*
  *14 ने रोटी,*
  *12 ने ब्रेड बटर,*
  *10 ने नूडल्स , और*
  *10 ने पूरी सब्जी को वोट दिया.*

       🤔  *अब सोचो*  🤔
         *क्या हुआ होगा ?*

       *उस कैंटीन में आज भी*
 *वो 80 लोग, रोज़ उपमा खाते हैं.*

   *जब तक हिस्सों में 80 बंटे रहोगे,*
*तब तक 20% वालों का वर्चस्व रहेगा.*

         इसलिये  👉🏽  एक बनो !! 🌍
    *जागो और सबको जगाओ*
      🙏

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